18-Oct-2018 03:13:44 PM

देवास 21 मार्च 2018/ प्रदेश सरकार ने मध्यप्रदेश असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मण्डल गठित किया है, जिसके माध्यम से असंगठित मजदूरों का पंजीयन कर उन्हें अनेकों तरह के लाभ दिलाये जायेंगे। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि असंगठित मजदूरों के पंजीयन के लिए विशेष अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि असंगठित श्रमिकों के पंजीयन के लिए ग्राम पंचायतवार तथा नगरीय क्षेत्र में वार्डवार पंजीयन शिविर लगाये जायेंगे तथा अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन किया जायेगा।
कौन करा सकता है पंजीयन
पंजीयन के लिए श्रमिक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होना चाहिए, आवेदक असंगठित श्रमिक श्रेणी में कार्यरत हो, आयकर दाता न हो तथा संबंधित आवेदक श्रमिक के पास 2 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि नहीं होना चाहिए। पंजीयन के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन सह घोषणा-पत्र के साथ समग्र आई.डी. क्रमांक, पासपोर्ट साईज फोटो लगाना होगा पंजीयन प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क रहेगी। एक बार किया गया पंजीयन 5 वर्ष तक वैध रहेगा।
असंगठित श्रमिकों को मिलेगी ये सुविधाएं
पंजीबद्ध असंगठित मजदूरों को 200 रूपये मासिक फ्लैट रेट पर बिजली उपलब्ध कराई जायेगी। गर्भवती श्रमिक महिलाओं को पोषण आहार के लिये 4 हजार रूपये दिये जायेंगे, प्रसव होने पर महिला के खाते में 12 हजार 500 रूपये जमा किये जायेंगे। घर की मुखिया श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर परिवार को 2 लाख तथा दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रूपये की सहायता, हर भूमिहीन श्रमिक को भूखण्ड या मकान, स्वरोजगार के लिए ऋण दिलाया जायेगा। साइकिल-रिक्षा चलाने वालों को ई-लोडिंग रिक्षा का मालिक बनाने के लिए बैंक ऋण की सुविधा दिलाई जायेगी, उन्हें 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ 30 हजार की सब्सिडी दी जायेगी। श्रमिक को मृत्यु पर अंतिम संस्कार के लिये पंचायत व नगरीय निकाय से 5 हजार रूपये की नगद सहायता दिलायी जायेगी। इसके अलावा तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों को चरण पादूका योजना के तहत जूते चप्पल तथा पानी की कुप्पी दिलाई जायेगी। पंजीकृत श्रमिक व उसके परिवार के सदस्यों की गम्भीर बीमारी का मुक्त इलाज सरकार करायेगी। श्रमिक के बच्चों को कक्षा एक से पी.एचडी तक निःशुल्क शिक्षा दिलायी जायेगी। मजदूर को साइकिल व औजार खरीदने के लिए 5 हजार रूपये का नगद अनुदान दिया जायेगा। मजदूरों को मकान बनाने के लिए जमीन का पट्टा दिलाया जायेगा।
असंगठित श्रमिक के रूप में ‘‘कचरा व पन्नी बीनने वाले" भी करा सकते है पंजीयन
ऐसे श्रमिकों को जिनकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच हो। जो आयकर दाता नहीं हो, शासकीय सेवा में नहीं हो तथा 2 हेक्टेयर से अधिक भूमिधारक नहीं हो वे सभी असंगठित श्रमिक माने जायेंगे। पंजीयन निरूशुल्क होगा जो 5 वर्ष तक के लिये वैध माना जायेगा। असंगठित श्रमिकों में कचरा व पन्नी बीनने वाले, कृषि कार्य में लगे मजदूर, घरेलू कामकाजी मजदूर, फेरी लगाकर दूध बेचने वाले, फेरी लगाकर रद्दी व कबाड़ी का समान खरीदने वाले, मत्स्य पालन मजदूर, पत्थर तोड़ने वाले, ईट बनाने वाले, दुकानों पर काम करने वाले, गोदामों में कार्य करने वाले, परिवहन, हथकरघा, पावरलूम, रंगाई, छपाई, सिलाई, अगरबत्ती बनाने वाले, जूते बनाने वाले, ऑटो रिक्षा चालक, आटा, तेल, दाल मिलों में काम करने वाले मजदूर, लकड़ी का काम करने वाले, बर्तन बनाने वाले, कारीगर, लोहार, बढ़ाई, आतिशबाजी उद्योग में लगे सभी मजदूरों का पंजीयन किया जा सकता है। इसके अलावा प्रायवेट सुरक्षा में लगे कर्मचारियों, दरी व कारपेट बनाने वाले, आतिशबाजी व माचिस बनाने वाले सभी मजदूरों, कृषि मण्डियों में हम्माली करने वाले, तुलाई कराने वाले, बोरे सिलने वाले का पंजीयन किया जा सकता है।
कैसे होगा पंजीयन
ऐसे श्रमिकों को जिनकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच हो। जो आयकर दाता नहीं हो, शासकीय सेवा में नहीं हो तथा 2 हेक्टेयर से अधिक भूमिधारक नहीं हो वे सभी असंगठित श्रमिक माने जायेंगे। पंजीयन के लिए आवेदक का घोषणा पर व आवेदन, समग्र आईडी क्रमांक, पासपोर्ट साईज फोटो देना होगा। यह पंजीयन आगामी 5 वर्ष तक वैध रहेगा। उन्होंने बताया कि पंजीयन पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। पंजीयन के बाद आवेदक के मोबाइल पर वाईस कॉल व मेसेज भी आयेगा।

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