18-Oct-2018 02:45:18 PM

देवास, 27 जुलाई 2018 : देवास निवासी तौफीक शेख एवं शायमा बी शेख की बेटी आफिया जन्म से बोल एवं सुन नहीं सकती थी। जब पहली बार माता पिता को पता चला कि उनकी बेटी सुन और बोल नहीं सकती तो उनकी जिदंगी ठहर सी गई। मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना से आफिया बोलने एवं सुनने में सक्षम हुई। जन्म से सुनने व बोलने में अक्षम बिटिया की जब आवाज सुनी तो माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जब बिटिया रानी की पहली आवाज उनके कानों में पड़ी तो खुशी से आंसू झलक पड़े और दिल से दुआ निकली कि जुग-जुग जिए शिवराज मामू।
आफिया के पिता तौफीक शेख बताते है कि वे देवास के निवासी है तथा किराने की दुकान संचालित कर अपना परिवार पालन कर रहे हैं। उनके यहां जुडवां बच्चे हुए तो परिवार में खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। वे बताते हैं कि उनके तीन बच्चों में आफिया दूसरे नंबर की है। जन्म के समय आफिया पूर्णतः स्वस्थ थी और परिवार में खुशनुमा माहौल था। जब आफिया लगभग एक वर्ष की हुई तब उन्हें ऐसा लगने लगा कि उनकी बच्ची सुन-बोल नहीं सकती है। सभी ने आफिया के बोलने-सुनने का दो साल तक इंतजार किया, लेकिन जब दो साल तक भी आफिया बोल सुन नहीं सकी तो पूरे परिवार वालों को यकीन हो गया कि उनकी बेटी आजीवन सुन-बोल नहीं पायेगी। इसके कारण उन्हें आफिया के भविष्य की चिंता सताने लगी।
आफिया के माता-पिता ने बिटिया को निजी चिकित्सालयों में देवास एवं इन्दौर में दिखाया जहां पर जांच उपरांत आफिया को जन्मजात मूक बधिर होना बताया गया एवं महंगे ऑपरेशन की सलाह दी गई। किंतु उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वे आफिया का उपचार एवं ऑपरेशन निजी चिकित्सालय में करवा सके। उन्होंने बताया कि बच्ची के इलाज के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारी उन पर थी। वे सभी पूरी तरह निराश हो चुके थे और यह मान चुके थे कि उनकी बेटी आजीवन सुन-बोल नहीं पायेगी।
तौफीक और शायमा अपनी बेटी आफिया को इन्दौर में प्रायवेट स्पीच-थैरपिस्ट के पास लेकर जाने लगे। वहां से उन्हें जानकारी मिली कि वे अपनी बच्ची को जिला चिकित्सालय देवास में लेकर जाये जहां पर इसका इलाज हो सकता है। आफिया के माता-पिता जिला चिकित्सालय में बच्ची को लेकर आये एवं ई.एन.टी. विभाग में नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभांशु डगांवकर से मिले। डॉ. डगांवकर ने परीक्षण उपरांत आफिया के माता-पिता को समझाया कि आपकी बेटी बोलने एवं सुनने लगेगी। इसके लिए उन्हें आर.बी.एस.के. समन्वयक ज्योति अहीरे से मिलना होगा, वे आपकी पूरी मदद करेंगी। आफिया के माता-पिता सीएमएचओ कार्यालय में आकर आर.बी.एस.के. समन्वयक ज्योति अहीरे से मिले। उन्होंने आफिया के माता-पिता को समझाया कि मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना अंतर्गत आपकी बेटी का उपचार पूर्णतः निःशुल्क होगा एवं उपचार पश्चात आपकी बेटी सुनने एवं बोलने लगेगी, आप चिंता न करें।
समन्वयक श्रीमती अहीरे ने सभी आवश्यक दस्तावेज लेकर आफिया को जांच हेतु दिव्या एडवांस्स ई.एन.टी. क्लिनिक भोपाल भेज दिया। जॉच उपंरात दिव्या एडवांस ई.एन.टी. क्लीनिक भोपाल द्वारा बच्ची का कोकलियर इम्पलांट होना बताया गया, जिसका 6 लाख 50 हजार रूपये का स्टीमेट बनाकर दिया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा आफिया के ऑपरेशन हेतु व्यय होने वाली राशि 6 लाख 50 हजार रुपए मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई तथा दिव्या एडवांस ई.एन.टी. क्लीनिक भोपाल में उपचार हेतु स्वीकृति-पत्र भी दिया गया।
दिनांक 08 मार्च 2017 को दिव्या एडवांस ईएनटी क्लीनिक भोपाल में आफिया का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के कुछ दिन पश्चात ही आफिया के माता पिता को लगा कि उनकी बेटी बोलने-सुनने लगेगी। वे अपनी बेटी को रूटिन चेकअप एवं थैरेपी के लिये दिव्या एडवांस ई.एन.टी. क्लिनिक भोपाल लेकर जाते रहे। धीरे-धीरे आफिया बोलने एवं सुनने लगी जो उसके माता-पिता के लिये किसी चमत्कार से कम नहीं था। आफिया के बोलने सुनने से पिता तौफीक एवं मां शायमा व अन्य परिवारजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उनके खुशी से आंसू झलक पड़े।
आफिया के पिता तौफिक शेख ने बताया कि इतना मंहगा ईलाज उनके लिये नामुमकिन ही नहीं, अंसभव था। वे ऑपरेशन करवाने की सोच भी नहीं सकते थे लेकिन मुख्यंमत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना अंतर्गत उनकी बेटी का ऑपरेशन हुआ है। जिसके लिए उनका परिवार सदैव मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के ताउम्र आभारी रहेगा। साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.के. सरल, आर.बी.एस.के समन्वयक ज्योति अहीरे एवं आर.बी.एस.के सोशल वर्कर चतुर्भुज शर्मा इन सभी के अथक प्रयास से आज उनकी बेटी घर के ऑगन में चहकने लगी है, वे इनका भी कोटि-कोटि आभार मानते रहे हैं।

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